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जब मैं सुबह उठा तो कोई बहुत थक कर भी काम पर जा रहा था. 
          वो थे पापा.....

जब मम्मी डांट रहीं थी तो को चुपके से हंसा रहा था.
              वो थे पापा.....

ये दुनिया पैसोें से चलती है पर कोई सिर्फ मेरे लिए पैसे कमाएं जा रहा था.
              वो थे पापा.....

पेड़ तो अपना फल खा नहीं सकते इसलिए हमें दे देते हैं पर 
कोई अपना पेट खाली रखकर भी मेरा पेट भरे जा रहा था.
              वो थे पापा.....

खुश तो मुझे होना चाहिए कि वो मुझे मिले. 
पर मेरे जन्म लेने की खुशी कोई ओर मनाए  जा रहा था
             वो थे पापा.....

मैं अपने बेटा शब्द को सार्थक बना सका या नहीं पता नहीं पर 
कोई बिना स्वार्थ के अपने पिता शब्द को सार्थक बनाए जा रहा था.
             वो थे पापा.....

सपने मेरे थे पर उन्हे पूरा करने का रास्ता कोई और बताए जा रहा था.
             वो थे पापा.....

घर मैं सब अपना प्यार दिखाते हैं पर कोई बिना दिखाए भी इतना प्यार किए जा रहा था.
            वो थे पापा.....

मैं तो सिर्फ अपनी खुशयों में हॅसता हॅू. पर मेरी हॅसी देख कर 
कोई अपने गम भुलाए जा रहा था.
           वो थे पापा.....
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